भारत का इतिहास1858 se 1950 tak part- 2

हेलो दोस्तों भारत की इतिहास1858 se 1950 tak part 2 मैं आपका स्वागत है  पार्ट वन आपने पढ़ा होगा अब पार्ट 2 शुरू कर रहे हैं.    इन विद्रोह और विप्लव के कई कारण थे. जैसे_ राज्य का  छिन जाना, प्रशासन में हस्तक्षेप होना, प्रशासकीय फेरबदल, भूमि व्यवस्था में परिवर्तन, करो में अत्यधिक वृद्धि एवं उनको वसूलने के कठोर तरीके, धार्मिक रीति-रिवाजों में हस्तक्षेप आदि/ इन कारणों से पूर्वी भारत, बंगाल, पश्चिमी भारत ,दक्षिणी भारत में विद्रोह हुए/               बंगाल तथा पूर्वी भारत में सन्यासी विद्रोह, चुआर तथा होका विद्रोह, कोल, संथाल, अहोम,  खासी, पागलपंथी तथा फरैजियो के विद्रोह हुए तथा पश्चिमी भारत में भील विद्रोह ,कॉल, कच्छ ,बघेरा, रामोशी  कोल्हापुर, सावंतवाड़ी, सतारा तथा सूरत का नमक विद्रोह हुए और दक्षिण भारत में विजयानगरम का विद्रोह, डिडगल,मलावार और मद्रास के पाली गिरो का भूम विद्रोह और दीवान वेला टेंपो का राज्य विद्रोह/             इसके अलावा देश में मुस्लिम राज स्थापित करने के लिए वहाबी संघर्ष प्रारंभ हुआ, जो सुनियोजित तरीके से1830 से प्रारंभ होकर1870 तक चलता रहा/ उत्तर पश्चिमी कबायली क्षेत्र में सिंध व भारत में पटना, हैदराबाद ,मद्रास ,बंगाल ,उत्तर प्रदेश तथा मुंबई में इसकी शाखाएं थी/   इनके अलावा भारत में इन 100 वर्षों में समय-समय पर सैनिक विद्रोह भी होते रहे जो सीमित थे, अंग्रेजों के प्रति सेना के उस रोष को दर्शाते थे जो1857 में सामूहिक रूप से उभरा/           इनमें से कुछ प्रमुख सैनिक विद्रोह इस प्रकार हैं:_                1.1806 का वेल्लोर विद्रोह/                                             2.1824 का बैरकपुर विद्रोह/                                          3.1825 असम तोपखाना विद्रोह/                                     4.1838 शोलापुर विद्रोह/ 
 5.1844_34 वी .एन .आई .तथा 64 वी रेजीमेंट का विद्रोह/

6.1849_50 पंजाब में गोविंदगढ़ विद्रोह/ कैसी लगी आपको यह पोस्ट अब आगे पार्ट 3 आएगा. धन्यवाद

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